भारत देश की आन, बान व शान के खातिर मर मिटने वाले देशभक्तों, स्वतन्त्रता सेनानियों तथा क्रान्तिकारियों ने भारतभूमि तथा अपने देश के मूल नागरिकों को अंग्रेजों के जुल्मों व दमनकारी नीतियों से आजाद करवाने के लिए अनगिनत विषम तथा तापमय परिस्थितियों में भी अपने कदमों को पीछे न हटने दिया। जगत्- जननी के उन महान वीरों ने एकजुट होकर भारत देश को आजाद करवाने का जो संकल्प लिया, उसे साकार करने के उद्देश्य से वह हर पल फिरंगियों से लड़ते रहे।
उक्त पुस्तक 'वीर क्रान्तिकारी' भारत देश के चार महान् क्रान्तिकारियों पर आधारित है, जिसमें भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु तथा चन्द्रशेखर आजाद की जीवन- गाथा व उनके द्वारा किए गए देशसेवा कार्यों का समावेश है। इन चारों देशभक्तों ने आजादी के लिए ब्रिटिश सरकार की दोगली नीतियों का खुले तौर पर विरोध कर अंग्रेजों को चुनौती दे दी, कि अब वह दिन दूर नहीं जब भारत देश का हर नागरिक ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के सामने सीना तान कर खड़ा होगा और तुम्हें हमारे देश को छोड़कर भागना पड़ेगा ।
वीर क्रान्तिकारी | Veer Krantikari
Author
Manoj Kumar 'Insan'
Publisher
Apolo Prakashan
No. of Pages
93