"“उसने कहा था एवं अन्य कहानियाँ” हिंदी साहित्य के आरंभिक काल की ऐसी अमर रचना-संग्रह है, जिसने कहानी कला को एक नई पहचान दी। इस संग्रह की प्रमुख कहानी “उसने कहा था” केवल प्रेम-कथा नहीं, बल्कि कर्तव्य, त्याग और मानवीय संवेदना का अद्भुत उदाहरण है। इसमें लहना सिंह का प्रेम, निष्ठा और बलिदान पाठकों के हृदय को छू लेता है। चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की भाषा की सादगी, संवादों की सहजता और पात्रों की मानवीय गहराई इन कहानियों को आज भी जीवंत और कालातीत बनाती है। संग्रह की अन्य कहानियाँ भी समाज, संस्कृति और इंसान की आत्मा को झकझोरने वाली हैं। यह पुस्तक न केवल हिंदी कथा-साहित्य का आधारस्तंभ है, बल्कि मानव हृदय की करुणा और आदर्शों का अमर दस्तावेज़ भी है। “उसने कहा था — तुम मुझसे वादा करो कि तुम मुझसे धोखा नहीं करोगी...” यह वाक्य आज भी प्रेम और त्याग की प्रतिध्वनि बनकर गूंजता है।"
Usne Kha Tha evam anya Kahaniyan | उसने कहा था एवं अन्य कहानियाँ
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Author
Chandradhar Sharma Guleri
Publisher
Kitabeormai Publications
No. of Pages
111


















