"“इंद्रजाल” हिंदी कथा-साहित्य के श्रेष्ठ लेखक जयशंकर प्रसाद की अद्भुत कहानियों का संग्रह है, जिसमें रहस्य, भावना और दर्शन का सुंदर समन्वय मिलता है। इन कहानियों में जीवन के बाहरी दृश्य ही नहीं, बल्कि मानव-मन की गहराइयों में छिपे भ्रम, आकर्षण और सत्य की खोज को बड़ी सूक्ष्मता से उकेरा गया है। मुख्य कहानी “इंद्रजाल” केवल जादू या भ्रम की कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन के मोहजाल और मानसिक उलझनों का प्रतीक है। प्रसाद जी ने इसमें यह दिखाया है कि कैसे मनुष्य अपने ही विचारों और इच्छाओं के इंद्रजाल में फँसकर वास्तविकता से दूर चला जाता है। इस संग्रह की अन्य कहानियाँ भी प्रेम, त्याग, आत्मसंघर्ष और जीवन के गूढ़ रहस्यों को गहराई से प्रस्तुत करती हैं। प्रसाद जी की लेखनी में कवित्व, दर्शन और मानवीय संवेदना का अद्भुत संगम है। “जीवन स्वयं एक इंद्रजाल है — जहाँ सत्य और माया एक-दूसरे में विलीन हो जाते हैं।”"
Indrajal | इन्द्रजाल
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Author
Jaishankar Prasad
Publisher
Kitabeormai Publications
No. of Pages
154


















