"“आकाशदीप” हिंदी साहित्य के युगप्रवर्तक लेखक जयशंकर प्रसाद की अमूल्य कहानियों का संग्रह है। इन कहानियों में जीवन के गहरे दार्शनिक अर्थ, मानवीय संवेदनाएँ और समाज की जटिल परिस्थितियाँ काव्यात्मक शैली में चित्रित हैं। मुख्य कहानी “आकाशदीप” में प्रसाद जी ने मानव की आशा, आस्था और आत्मिक प्रकाश की खोज को प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत किया है। यह कहानी दर्शाती है कि अंधकार चाहे जितना गहरा हो, आकाशदीप की लौ कभी बुझती नहीं — वह मानवता, प्रेम और सत्य की दिशा दिखाती रहती है। इस संग्रह की अन्य कहानियाँ भी जीवन की विविध स्थितियों, मनोभावों और नैतिक संघर्षों को सूक्ष्मता से अभिव्यक्त करती हैं। प्रसाद जी की भाषा, भाव और दर्शन पाठक को आत्ममंथन की ओर ले जाते हैं। “अंधकार में भी कहीं न कहीं एक दीप जलता है — वही मनुष्य की आशा का आकाशदीप है।”"
Akashdeep | आकाशदीप
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Author
Jaishankar Prasad
Publisher
Kitabeormai Publications
No. of Pages
137


















