"“बिखरे मोती” सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा लिखा गया एक अनुपम कहानी–संग्रह है, जिसमें मानवीय संवेदनाएँ, जीवन के संघर्ष, रिश्तों की कोमलता और समाज की वास्तविकता सहज भाषा में सहजता से व्यक्त होती है। इन कहानियों में स्त्री के संकल्प, आत्मसम्मान और हृदय की जिजीविषा का मार्मिक चित्रण है। सुभद्रा जी की रचनाओं में सरलता में गहराई और भावों में सच्चाई पाठक को सीधे हृदय तक छू लेती है। यहाँ कोई ऊँचे स्वर नहीं, बल्कि जीवन की छोटी–छोटी घटनाओं में छिपे बड़े अर्थ धीरे–धीरे उभरते हैं — जैसे मोती बिखरकर भी अपनी चमक बनाए रखते हैं। यह संग्रह हमें बताता है कि जीवन की सुंदरता अक्सर साधारण पलों में छिपी होती है, और मनुष्य के भीतर प्रेम, करुणा और साहस का स्रोत कभी समाप्त नहीं होता। “बिखरे मोती” उन पाठकों के लिए है जो साहित्य में संवेदना, सरलता, और मनुष्य की आत्मा को समझने वाली दृष्टि ढूँढते हैं। यह पुस्तक पढ़ने वाले को न सिर्फ भावुक करती है, बल्कि जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा भी देती है।"
Bikhre Moti | बिखरे मोती
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Author
Subhadra Kumari Chauhan
Publisher
Kitabeormai Publications
No. of Pages
137


















