'टु पाक टु'... एक मरते हुए व्यक्ति के आख़िरी शब्द... क्या ये कोई सुराग है या आरोप अथवा अर्थहीन प्रलाप ?
आईबी के जॉइंट डायरेक्टर सिद्धार्थ राणा अपनी पूरी बुद्धिमानी से इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश करते हैं। सुराग़ों के अभाव के बावजूद सिद्धार्थ को आंतकियों को उनका भीषण मक़सद हासिल करने से रोकने के लिए समय के विरुद्ध चलना है। यह मक़सद है भारत को पुराणों में वर्णित महाप्रलय जैसी आपदा के द्वारा तबाह कर देना।
यह कहानी महाद्वीपों को पार करती हुई, जटिल आतंकी षड्यंत्रों और हमलों की तह तक जाती है और आपको अपने हाई-टेक गैजेटरी और विज्ञान के ब्योरे से विस्मित कर देती है। साथ ही यह साँसे थाम देने वाली बहादुरी की और दिमाग़ को हिला कर रख देने वाली यादगार कहानी भी है। अपने मूल में यह रिश्तों की खूबसूरती की कहानी भी है।
ये रिश्ते देश की सीमाओं तथा ऐतिहासिक वैमनस्य से परे हैं...
जिहाद : एक प्रेम कथा | Jihad : Ek Prem Katha
Author
Ajay
Publisher
Manjul
No. of Pages
326