SIYAR OR DHOL - MITRABHED - PANCHTANTRA
Updated: Jul 11, 2022
सियार और ढोल - मित्रभेद - पंचतंत्र

एक बार एक जंगल के निकट दो राजाओं के बीच घोर युद्ध हुआ। एक जीता दूसरा हारा। सेनाएं अपने नगरों को लौट गई। बस, सेना का एक ढोल पीछे रह गया। उस ढोल को बजा-बजाकर सेना के साथ गए भांड व चारण रात को वीरता की कहानियां सुनाते थे…..
{मित्रभेद~ पंचतंत्र} पं. विष्णु शर्मा




