MURKH SADHU OR THUG - MITRABHED - PANCHTANTRA
Updated: Jul 11, 2022
मूर्ख साधू और ठग - मित्रभेद - पंचतंत्र

एक बार की बात है, किसी गाँव के मंदिर में देव शर्मा नाम का एक प्रतिष्ठित साधू रहता था। गाँव में सभी उसका सम्मान करते थे। उसे अपने भक्तों से दान में तरह तरह के वस्त्र, उपहार, खाद्य सामग्री और पैसे मिलते थे। उन वस्त्रों को बेचकर साधू ने काफी धन जमा कर लिया था…..
{मित्रभेद~ पंचतंत्र} पं. विष्णु शर्मा




