संन्यासी आंदोलन और बंगाल अकाल की पृष्ठभूमि पर लिखी गई बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की कालजयी कृति 'आनंदमठ' सन 1882 ई. मे छप कर आई। इस उपन्यास की क्रांतिकारी विचारधारा ने सामाजिक व राजनीतिक चेतना को जागृत करने का काम किया। इसी उपन्यास के एक गीत 'वंदेमातरम' को बाद मे राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त हुआ।
'आनंदमठ' मे जिस काल खंड का वर्णन किया गया है वह हन्टर की ऐतिहासिक कृति 'एन्नल ऑफ रूरल बंगाल', ग्लेग की 'मेम्वाइर ऑफ द लाइफ ऑफ वारेन हेस्टिंग्स' और उस समय के ऐतिहासिक दस्तावेज मे शामिल तथ्यो मे काफी समानता है।
Anandmath | आनंदमठ
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SKU: 9789395437349
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Author
Bankimchandra Chattopadhyay
Publisher
Kitabeormai Publications
No. of Pages
178



















Reviews
धन्यवाद प्रकाशक महोदय, हमारे ऑर्डर को आपने अच्छी पैकिंग के साथ भेजा। समय पर भेजा । इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद। आपकी सेवा सराहनीय है।
हम आशा करते हैं आपको सेवाएं हमें इसी तरह मिलती रहेगी।
धन्यवाद
डॉ शशि वल्लभ शर्मा
अम्बाह जिला मुरैना मध्य प्रदेश